Summary Of The Heartfulness Way
अपने जीवन की, रिश्ते-नाते, व्यवसाय, सम्पत्ति और स्वास्थ्य सम्बन्धी विविध ज़रूरतों को पूरा करते-करते हम बहुधा खालीपन व अपने वास्तविक स्व से पृथक होने की भावना को महसूस करते हैं। क्या एक ग्रह का अनेक सूर्यों की परिक्रमा कर पाना सम्भव है? हमारे अपने जीवन में अनेक केन्द्र होते हैं, फिर भी हमारा असली केन्द्र कहाँ है – वह गहनतम केन्द्र जो हर हृदय के मूल में विद्यमान है? भारत की अनन्तकालीन मौखिक परम्परा को कायम रखते हुए कमलेश डी. पटेल – जिन्हें दाजी के नाम से जाना जाता है, और जो हार्टफुलनेस वंशावली के चौथे गुरु हैं – वे आध्यात्मिक खोज की प्रकृति का अध्ययन करते हुए एक जिज्ञासु की यात्रा का वर्णन करते हैं। एक शिक्षक और शिष्य के बीच हुए ज्ञानवर्धक वार्तालाप की श्रंखला द्वारा दाजी, हार्टफुलनेस अभ्यास के सिद्धान्तों एवं दर्शन का खुलासा जोशुआ पोलॉक के समक्ष करते हैं, जो एक हार्टफुलनेस अभ्यासी व प्रशिक्षक हैं। प्रार्थना व यौगिक प्राणाहुति के सार पर चिन्तन करने से लेकर व्यावहारिक सुझावों द्वारा ध्यान की प्रक्रिया का रहस्योद्घाटन करने तक, यह पुस्तक हमें अपनी संवेदी सीमितताओं के परे जाने में और अपने अन्दर एकात्मकता पाने में सक्षम बनाएगी। हार्टफुलनेस का अभ्यास करना, रूप के परे सारतत्व को खोजना है और रीति-रिवाजों के पीछे छुपी वास्तविकता को जानना है। यह अपने हृदय के मूल में स्वयं को केन्द्रित कर वहाँ सत्य और सन्तोष को प्राप्त करना है।
Browse and Read other popular books at Spectrashop
To know more updates on books around the world click www.spectralhues.com



Reviews
There are no reviews yet.